इंटरनेट के बिना गूगल मैप्स कैसे चलाएं? बिना नेटवर्क सफर करने का सबसे आसान और प्रैक्टिकल तरीका
जब भी हम घर से बाहर किसी अनजान रास्ते पर निकलते हैं, तो हमारी जुबान पर पहला नाम आता है-गूगल मैप्स (Google Maps)। चाहे नई जगह घूमना हो, किसी दोस्त के घर का रास्ता ढूंढना हो, या शहर का लाइव ट्रैफिक देखना हो, गूगल मैप्स हमारा सबसे बड़ा मददगार साथी बन चुका है।
गूगल मैप्स ऑफलाइन फीचर क्या है और यह कैसे काम करता है?
बहुत से लोग सोचते हैं कि गूगल मैप्स को चलाने के लिए हर सेकंड इंटरनेट का होना ज़रूरी है। लेकिन असल में ऐसा नहीं है। हमारा स्मार्टफोन जीपीएस (GPS - Global Positioning System) तकनीक पर काम करता है। जीपीएस को काम करने के लिए मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट की ज़रूरत नहीं होती, यह सीधे सैटेलाइट से जुड़ा होता है। गूगल मैप्स का ऑफलाइन फीचर इसी बात का फायदा उठाता है। यह आपको किसी खास शहर या पूरे रूट (रास्ते) के नक्शे को पहले से ही आपके फोन की मेमोरी में डाउनलोड करने की सुविधा देता है। जब आपके फोन में मैप का वह हिस्सा डाउनलोड हो जाता है, तो सफर के दौरान इंटरनेट बंद होने पर भी आपका फोन जीपीएस की मदद से आपकी लाइव लोकेशन दिखाता रहता है और आपको सही रास्ता बताता है।
बिना इंटरनेट गूगल मैप्स कैसे चलाएं: पूरा तरीका
इंटरनेट के बिना मैप्स चलाने के लिए आपको घर से निकलने से पहले (जब आपके फोन में अच्छा वाई-फाई या मोबाइल डेटा हो) एक छोटा सा काम करना होगा। आइए इसकी पूरी प्रोसेस को स्टेप्स में समझते हैं:
स्टेप 1: गूगल मैप्स ऐप को ओपन करें
सबसे पहले अपने एंड्रॉइड (Android) या आईफोन (iPhone) में गूगल मैप्स ऐप को खोलें। ध्यान रखें कि आपका ऐप अपडेटेड होना चाहिए। साथ ही, यह सुनिश्चित कर लें कि इस समय आपका इंटरनेट चालू हो।
स्टेप 2: अपनी प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें
ऐप खुलने के बाद, स्क्रीन पर ऊपर की तरफ दाहिने कोने (Top Right Corner) में आपकी प्रोफाइल फोटो या आपके नाम का पहला अक्षर दिखाई देगा। उस पर टैप करें।
स्टेप 3: 'ऑफलाइन मैप्स' का विकल्प चुनें
प्रोफाइल पर क्लिक करते ही आपके सामने एक मेनू खुल जाएगा। यहाँ आपको 'Offline Maps' का एक ऑप्शन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
स्टेप 4: अपना इलाका चुनें (Select Your Own Map)
अब आपके सामने एक नई स्क्रीन आएगी जहाँ 'Select Your Own Map' का विकल्प मिलेगा। इस पर टैप करें। अब स्क्रीन पर एक चौकोर बॉक्स (Square Box) बनकर आ जाएगा। आप इस बॉक्स को उंगली से खिसकाकर (Drag करके) उस पूरे इलाके को इसके अंदर ला सकते हैं जहाँ आप घूमने जा रहे हैं। आप इसे ज़ूम-इन या ज़ूम-आउट भी कर सकते हैं।
स्टेप 5: मैप डाउनलोड करें
जैसे ही आप बॉक्स के अंदर अपना मनपसंद एरिया सेट कर लेंगे, नीचे आपको दिखाई देगा कि यह मैप आपके फोन में कितनी मेमोरी (MB) लेगा। इसके बाद नीचे दिए गए 'Download' बटन पर क्लिक कर दें। कुछ ही पलों में वह नक्शा आपके फोन में सेव हो जाएगा।
ऑफलाइन मोड में गूगल मैप्स का इस्तेमाल कैसे करें?
एक बार जब मैप डाउनलोड हो जाता है, तो आपको कुछ अलग से करने की ज़रूरत नहीं होती। जब आप सफर पर निकलेंगे और आपका इंटरनेट बंद हो जाएगा या नेटवर्क चला जाएगा, तो गूगल मैप्स अपने आप बैकग्राउंड में डाउनलोड किए गए ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करना शुरू कर देगा। आप सामान्य दिनों की तरह ही सर्च बार में जाकर अपनी मंजिल का नाम टाइप कर सकते हैं और मैप आपको नीली लाइन दिखाकर रास्ता बताना शुरू कर देगा। आवाज वाली गाइडेंस (Voice Navigation) भी ऑफलाइन मोड में पूरी तरह से काम करती है।
ऑफलाइन गूगल मैप्स की कुछ सीमाएं (Limitations) जिन्हें जानना ज़रूरी है
भले ही यह फीचर बहुत कमाल का है, लेकिन चूंकि यह बिना इंटरनेट के काम करता है, इसलिए इसकी कुछ सीमाएं भी हैं जिनके बारे में हर यात्री को पता होना चाहिए:
• लाइव ट्रैफिक नहीं दिखेगा: बिना इंटरनेट के गूगल मैप्स आपको यह नहीं बता पाएगा कि आगे रास्ते में जाम लगा है या नहीं। वह आपको सिर्फ रास्ता और दूरी दिखाएगा।
• वैकल्पिक रास्ते (Alternative Routes) सीमित होंगे: इंटरनेट होने पर मैप आपको तुरंत दो-तीन अलग रास्ते दिखा देता है, लेकिन ऑफलाइन में यह सुविधा थोड़ी सीमित हो जाती है।
• सिर्फ ड्राइविंग रूट दिखेगा: ऑफलाइन मैप्स मुख्य रूप से कार या बाइक से चलने वाले रास्तों (Driving Routes) को सपोर्ट करता है। पैदल चलने का रास्ता, ट्रेन या बस का रूट ऑफलाइन मोड में काम नहीं करता।
• मैप एक्सपायर हो जाते हैं: डाउनलोड किए गए ऑफलाइन मैप्स हमेशा के लिए आपके फोन में नहीं रहते। आमतौर पर गूगल इन्हें एक साल के लिए सेव रखता है। अगर आप इन्हें अपडेट नहीं करते, तो ये अपने आप डिलीट हो जाते हैं। इसलिए यात्रा पर जाने से पहले इन्हें 'Update' ज़रूर कर लें।
यात्रियों के लिए गूगल मैप्स की कुछ और गुप्त और आसान तरकीबें
अगर आप एक सच्चे ट्रैवलर हैं, तो ऑफलाइन मैप्स के अलावा ये छोटी-छोटी बातें भी आपके बहुत काम आ सकती हैं:
1. एसडी कार्ड (SD Card) में सेव करें मैप्स
अगर आपके फोन की इंटरनल मेमोरी कम है और आप किसी बहुत बड़े राज्य या शहर का मैप डाउनलोड कर रहे हैं, तो आप इसकी सेटिंग्स बदल सकते हैं। ऑफलाइन मैप्स की सेटिंग्स में जाकर आप स्टोरेज प्रेफरेंस को 'Device' से बदलकर 'SD Card' कर सकते हैं। इससे आपका फोन हैंग नहीं होगा।
2. रास्ते में मिलने वाले पेट्रोल पंप और रेस्टोरेंट ढूंढना
ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड करते समय कोशिश करें कि थोड़ा बड़ा एरिया डाउनलोड करें। इसका फायदा यह होगा कि बिना इंटरनेट के भी आप उस इलाके के पेट्रोल पंप, अस्पताल, एटीएम और रेस्टोरेंट को सर्च कर पाएंगे, क्योंकि उनकी लोकेशन भी मैप के साथ डाउनलोड हो जाती है।
3. सर्च अलोंग रूट' का उपयोग करें
जब आप गाड़ी चला रहे हों, तो बार-बार मैप को बंद करने के बजाय स्क्रीन पर दिए गए सर्च (लेंस) आइकन पर क्लिक करके 'Petrol Pumps' या 'Restaurants' चुन सकते हैं। मैप आपके मुख्य रास्ते को बदले बिना ही रास्ते में आने वाली दुकानों को दिखा देगा।
निष्कर्ष
तकनीक का असली मज़ा तब है जब वह मुश्किल समय में हमारे काम आए। गूगल मैप्स का ऑफलाइन फीचर हर उस इंसान के फोन में एक्टिव होना चाहिए जो अक्सर यात्रा करता है या नई जगहों पर जाता है। नेटवर्क का कोई भरोसा नहीं होता, लेकिन अगर आपने अपने सफर का नक्शा पहले से डाउनलोड करके रखा है, तो आप कभी भी रास्ता नहीं भटकेंगे। अगली बार जब भी आप किसी ट्रिप की प्लानिंग करें, तो होटल बुकिंग और पैकिंग के साथ-साथ अपने गूगल मैप्स में ऑफलाइन एरिया डाउनलोड करना बिल्कुल न भूलें।

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