इंडोनेशिया ओपन में पीवी सिंधू की धमाकेदार जीत, अब दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी से होगा महामुकाबला
| पीवी सिंधू- फोटो |
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और देश का नाम दुनिया भर में रोशन करने वाली पीवी सिंधू ने एक बार फिर कोर्ट पर कमाल कर दिया है। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में जीत के साथ बहुत ही शानदार शुरुआत की है। जकार्ता के स्टेडियम में खेले गए महिला एकल के पहले दौर के मैच में सिंधू ने अपनी विरोधी खिलाड़ी को टिकने का मौका ही नहीं दिया। उन्होंने यह मैच बहुत ही आसानी से जीत लिया और टूर्नामेंट के अगले दौर में पहुंच गईं। इस जीत के साथ ही सिंधू ने अपनी पुरानी फॉर्म में लौटने के संकेत दे दिए हैं। लेकिन भारतीय बैडमिंटन फैंस के लिए जितनी खुशी की बात सिंधू की यह जीत है, उतनी ही बड़ी चिंता अगले मैच को लेकर है। अगले दौर में सिंधू का मुकाबला दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी और दक्षिण कोरिया की सनसनी एन से-यंग से होने की पूरी उम्मीद है। ऐसे में फैंस को कोर्ट पर एक बहुत ही रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
पहले मैच का पूरा हाल: सिंधू ने कोर्ट पर दिखाया जलवा
मैच की शुरुआत से ही पीवी सिंधू के इरादे एकदम साफ नजर आ रहे थे। उन्होंने पहले ही अंक से विरोधी खिलाड़ी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। सिंधू की लंबाई उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इस मैच में उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। खेल के पहले गेम में विरोधी खिलाड़ी ने कुछ अच्छे शॉट्स खेलकर सिंधू को टक्कर देने की कोशिश की। लेकिन सिंधू ने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया और आक्रामक स्मैश मारकर पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया। दूसरा गेम शुरू होते ही सिंधू और भी ज्यादा खतरनाक मूड में नजर आईं। उन्होंने विरोधी खिलाड़ी को कोर्ट के चारों कोनों पर खूब दौड़ाया। जब सामने वाली खिलाड़ी पीछे हटती, तो सिंधू नेट के पास बेहतरीन ड्रॉप शॉट खेलकर अंक बटोर लेतीं। सिंधू की इस रणनीति का विरोधी खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था। बिना कोई बड़ी गलती किए सिंधू ने सीधे गेमों में यह मुकाबला जीत लिया। मैच जीतने के बाद सिंधू के चेहरे पर जो आत्मविश्वास था, वह यह बता रहा था कि वे इस बार इंडोनेशिया ओपन में कुछ बड़ा करने के इरादे से उतरी हैं।
अब असली परीक्षा: दुनिया की नंबर-1 एन से-यंग से होगी भिड़ंत
पहले दौर की बाधा तो पार हो गई है, लेकिन अब सिंधू के सामने एक ऐसी दीवार है जिसे पार करना सबसे मुश्किल काम माना जाता है। अगले दौर में उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया की एन से-यंग से होने जा रहा है। एन से-यंग इस समय दुनिया की नंबर-1 बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे कोर्ट पर बहुत कम गलतियां करती हैं। उनका डिफेंस इतना मजबूत है कि अच्छे से अच्छे खिलाड़ी भी उनके सामने थक जाते हैं।बैडमिंटन की दुनिया में सिंधू और एन से-यंग का मैच हमेशा से सबसे बड़ा मुकाबला माना जाता है। अगर हम हाल के मैचों और आंकड़ों को देखें, तो एन से-यंग का पलड़ा थोड़ा भारी जरूर लगता है। उन्होंने पिछले कुछ महीनों में कई बड़े खिताब अपने नाम किए हैं और वे गजब की फॉर्म में हैं। लेकिन पीवी सिंधू को हम सब जानते हैं, वे बड़े मैचों की खिलाड़ी हैं। जब भी सामने कोई बड़ा खिलाड़ी होता है या देश के लिए कोई बड़ा मुकाबला होता है, सिंधू अपने खेल को एक अलग ही लेवल पर ले जाती हैं।
सिंधू को मैच जीतने के लिए क्या करना होगा? (मैच की रणनीति)
अगर सिंधू को दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी को हराना है, तो उन्हें अपनी रणनीति में कुछ बड़े बदलाव करने होंगे। बैडमिंटन के जानकारों का मानना है कि सिंधू को इन बातों का खास ध्यान रखना होगा:
• रैलियों को छोटा रखना होगा: एन से-यंग की आदत है कि वे खिलाड़ी को लंबी-लंबी रैलियों में फंसाकर थका देती हैं। सिंधू को इस जाल में फंसने से बचना होगा और जल्दी अंक जुटाने की कोशिश करनी होगी।
• आक्रामक स्मैश का सही इस्तेमाल: सिंधू के पास दुनिया के सबसे बेहतरीन स्मैश हैं। उन्हें सही समय पर और सही दिशा में स्मैश मारकर एन से-यंग के डिफेंस को तोड़ना होगा।
• गलतियों पर काबू: एन से-यंग के खिलाफ मैच में आप आसान गलतियां (Unforced Errors) नहीं कर सकते। सिंधू को नेट पर खेलते समय बहुत ही सावधान रहना होगा और फालतू अंक देने से बचना होगा।
इंडोनेशिया ओपन सिंधू के करियर के लिए क्यों ज़रूरी है?
यह टूर्नामेंट पीवी सिंधू के करियर के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। पिछले कुछ समय में सिंधू चोट की वजह से परेशान रही हैं और उनकी फॉर्म में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। कई आलोचकों ने तो यहाँ तक कहना शुरू कर दिया था कि अब सिंधू का दौर खत्म हो रहा है। लेकिन इस मैच की जीत ने उन सभी को चुप करा दिया है।इंडोनेशिया ओपन एक बहुत बड़ा टूर्नामेंट (Super 1000) है। यहाँ मिलने वाली हर जीत खिलाड़ी को बहुत सारे रैंकिंग पॉइंट्स देती है। अगर सिंधू यहाँ अच्छा प्रदर्शन करती हैं और एन से-यंग जैसी शीर्ष खिलाड़ी को हरा देती हैं, तो पूरी दुनिया में यह संदेश जाएगा कि भारतीय स्टार अब पूरी तरह से वापस लौट चुकी हैं। यह जीत उन्हें आने वाले समय में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी बहुत बड़ा मानसिक हौसला देगी।
पूरे देश की दुआएं और उम्मीदें सिंधू के साथ
जैसे ही जकार्ता से सिंधू की जीत की खबर आई, सोशल मीडिया पर फैंस ने उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया। खेल प्रेमियों के बीच अब अगले मैच को लेकर उत्सुकता बहुत बढ़ गई है। हर कोई यह देखना चाहता है कि सिंधू दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी का सामना कैसे करती हैं। भारतीय बैडमिंटन के मुख्य कोच और पूरी सपोर्ट टीम भी इस महामुकाबले के लिए खास तैयारी में जुट गई है। वे एन से-यंग के पुराने मैचों के वीडियो देखकर सिंधू के लिए एक खास गेम प्लान तैयार कर रहे हैं। सिंधू की इस जीत से भारतीय दल के बाकी खिलाड़ियों का भी उत्साह बढ़ेगा। जब टीम का सबसे सीनियर और स्टार खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है, तो बाकी युवा खिलाड़ियों को भी कोर्ट पर अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है।
निष्कर्ष:
आर्टिकल के अंत में हम यही कह सकते हैं कि इंडोनेशिया ओपन में पीवी सिंधू की यह शुरुआत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं है। यह उनकी कड़ी मेहनत और कोर्ट पर वापसी करने के जज्बे को दिखाती है। खेल में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन मुश्किल समय से लड़कर दोबारा जीत की राह पर लौटना ही एक सच्चे चैंपियन की पहचान होती है। अब पूरी दुनिया की नजरें उस मुकाबले पर टिकी हैं जो बैडमिंटन के इतिहास में एक नया रोमांच लेकर आने वाला है। एक तरफ सिंधू का अनुभव और ताकत होगी, तो दूसरी तरफ एन से-यंग की फुर्ती और चालाकी होगी। जो भी खिलाड़ी उस दिन दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगा, जीत उसी की होगी। हम सब यही उम्मीद करते हैं कि सिंधू एक बार फिर कोर्ट पर भारत का तिरंगा शान से लहराएंगी।
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